ये मलेरिया जैसे बुखार को पास आने नहीं देती लिवर पर भी इसका अच्छा कार्य है स्किन के मामले में भी शायद इससे अच्छी कोई औषधि हो
चिरायता कुटकी को मिला कर लेने से स्किन के रोग दूर होते है चिरायता के फायदे
- लिवर के लिए लाभकारी: यह लिवर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उसे डिटॉक्सिफाई करने में मदद करती है।
खून साफ करे: चिरायता रक्त को शुद्ध करने और शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है। इससे त्वचा संबंधी समस्याएं जैसे खुजली और एलर्जी दूर होती हैं और चेहरे की चमक बढ़ती है।
बुखार में उपयोगी इसके ज्वरनाशक (एंटीपायरेटिक) गुणों के कारण यह डेंगू और मलेरिया जैसे बुखार को कम करने में मदद करती है।
डायबिटीज में फायदेमंद: यह ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने और इंसुलिन के स्राव को बढ़ाने में सहायक हो सकती है।
पाचन तंत्र बेहतर बनाए: यह पाचन संबंधी समस्याओं जैसे अपच, गैस, पेट फूलना और पेट दर्द को दूर करने में सहायक है।
मोटापा कम करे: यह मेटाबॉलिज्म को तेज कर सकती है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए: चिरायता में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-वायरल गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।
त्वचा रोग दूर करे: यह मुंहासों और अन्य त्वचा विकारों को ठीक करने में मदद कर सकती है। चिरायता के पाउडर को शहद के साथ लगाने से सूजन और लालिमा कम होती है।
चिरायता का उपयोग कैसे करें
- चिरायता का पानी: एक गिलास पानी में एक चम्मच चिरायता पाउडर या कुछ डंडियाँ रात भर भिगो दें। सुबह इसे छानकर खाली पेट पी लें।
काढ़ा: सूखे या कच्चे चिरायता को एक कप पानी में तब तक उबालें जब तक कि पानी एक चौथाई न रह जाए। इस पानी को छानकर दिन में दो बार 3-4 चम्मच पिएं।
चूर्ण: 1-3 ग्राम चिरायता चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ दिन में एक या दो बार ले सकते हैं।
चिरायता के नुकसान और सावधानियां
- कड़वा स्वाद: चिरायता का बहुत कड़वा स्वाद कुछ लोगों को जी मिचलाने या उल्टी का एहसास करा सकता है।
चक्कर आना: कुछ संवेदनशील व्यक्तियों को चक्कर आ सकते हैं।
गर्भावस्था: गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए।
मधुमेह: मधुमेह के रोगी जो दवाएँ ले रहे हैं, उन्हें चिरायता का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए, क्योंकि यह ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित कर सकता है।
सर्जरी: किसी भी सर्जरी से पहले चिरायता का सेवन बंद कर देना चाहिए
नोट:- किसी भी ओषधि को लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए




